Tuesday, 31 October 2017

दुनिया का विनाश: धरती का अंत हुआ बहुत करीब!

MIT  के गणितज्ञ ने की छठे सामूहिक विलोपन की भविष्यवाणी 


आज के इस युग में मानव जाति जितनी गति से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है, उतनी ही तेजी से वह धरती को छति पहुंचाता चला जा रहा है। इसी का यह परिणाम है की हम एक महाविनाश की ओर बढ़ रहे हैं । बताया जाता है की धरती से पांच बार जीवन का विनाश  हो चूका है । इसका मतलब यह है की इसका सामूहिक विलोपन हो चूका है । और अब हम छठे बार सामूहिक विलोपन की ओर बढ़ रहे हैं जो कि इस पृथ्वी पर कभी भी हो सकती है। जो की हालही शोध में इसका खुलाशा हुआ है।

इस बार करीब 540 मिलियन वर्षों के बाद यह होने जा रहा है जो सामूहिक विलोपन करोड़ों अरबों वर्षों के बाद होता है । माना जा रहा है की अगली सदी के समाप्त होने से पहले ही ऐसा हो सकता है । धरती के ऊपर स्थित कार्बन चक्र के गणितीय विश्लेषण के बाद इस तरह की भविष्यवाणी की गयी है । क्योंकि जिस तरह से आज के इस रोजमर्रा के दिनों में इतने सारे जगहों से वायुमंडल को प्रदूषित किया जाता है जिनको शायद गिना भी न जा सकता है । जिसके कारण वायुमंडल में स्थित ओजोन परत भी धीरे-धीरे छतिग्रस्त हो रहा है । जो सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों को रोकती है जिससे की त्वचा के कैंसर इत्यादि जैसे बीमारी हम तक नही आ पाती किन्तु यह परत धीरे- धीरे कर समाप्त हो रहा है जिससे खतरा और भी बढ़ गया है ।

भू-भौतिकशास्त्री  डेनियल रॉथमैन के अनुशार 31 पहले से स्थापित कार्बन आइसोटोपिक घटनाओं का अध्ययन करते हुए कार्बन-12 और कार्बन-13 आइसोटाइप की जांच धरती के इतिहास में झांककर की ।

बेहद बुरी खबर 

रॉथमैन की बातों पर भरोसा करें तो, इस पृथ्वी का महाविनाश बहुत ही नजदीक आ गया है क्योंकि वातावरण में कार्बन-डाईऑक्साइड की मात्रा इतनी अधिक हो चुकी है की महाविनाश कभी भी दस्तक दे सकता है ।  कार्बन-डाईऑक्साइड की मात्रा बहुत ही बढ़ गया है जिससे वर्ष 2100 तक 310 gigatan तक पहुच सकता है । रॉथमैन कहते हैं की यदि इस पर रोकने के लिए कोई उपाय नही किये गए तो इसके भयावह परिणामों से दुनिया को कोई भी ताकत नहीं बचा पायेगा । सीधे तौर पर कहा जाए तो मानव जीवन को बचाना एक चुनौती के बराबर है । 

दूभर हो जाएगा जीना 

हालांकि रॉथमैन का कहना है की यह इतनी जल्दी भी नहीं होने वाला है लेकिन मानव को अपने भविष्य को संवारने के लिए पहले से ही मेहनत करना पड़ेगा । यदि इसी तरह कॉर्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ती रही तो, भविष्य में मानवजनों का जीना दूभर हो जाएगा । यह स्थिति भी किसी महाविनाश से कम नहीं है । 

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Thursday, 26 October 2017

For Android users.....!!

Hello friends, today I will tell you 1 trick from which your smartphone is much faster than before. So lets start 

  So go to the settings and scroll down and choose the about phone or device info. And touch the build number or MIUI version on any shaomi smartphones. Tap on this regularly 7 times and then you have a developer option. 
       You can find it on additional settings accessibility or outside on the settings. Tap on it and turn on the developer option and press ok. 
Scroll down to the drawing section and tap on the window animation scale and tap on animation off. Then tap on transition animation scale and tap on animation off. Then pouch on animator duration scale and set it on animation scale .5x  . 
   

Thank you and  follow if you like.

Wednesday, 25 October 2017

टेक्नोलॉजी/कंप्यूटर से संबंधित विचित्र तथ्य(facts)


आजकल आपको 32GB की पेन ड्राइव,128 GB की पेन ड्राइव एकदम छोटी सी देखने को मिल जाती है । लेकिन जो पहली पेन ड्राइव या रिमूवेबल मीडिया डिस्क आप कह सकते हैं, वो IBM 1311 थी । उसका आकार एक वाशिंग मशीन जितना बड़ा था, उसकी (capacity) सिर्फ 5 MB की थी । 
क्या आपको पता है ! कि एक नार्मल इंसान का 20 बार पलक झपकता है, लेकिन जब वह कंप्यूटर इस्तेमाल करता है तब उसकी आँखें केवल 7 बार झपकता है । नार्मल की अपेक्षा उसकी आँखें इसलिए कम झपकता है क्योंकि उसे कंप्यूटर की और ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता होती है । इसके 1 नुकसान भी हैं की आपकी आँखें जल्दी खराब हो जाएँगी  । 
              अभी जो आप अपने कंप्यूटर में विंडोज़ इस्तेमॉल कर रहे हैं ये माइक्रोसॉफ्ट का 1 प्रोजेक्ट है, जब ये शुरू होने वाला था तो उसका नाम था " इंटरफ़ेस मैनेजर " लेकिन बाद में इसका सूटेबल नाम रखा गया । लेकिन यदि इसका नाम चेंज नही हुआ होता तो आज आप जो कंप्यूटर में ऑपरेटिंग सिस्टम चला रहे हैं उसका नाम इंटरफ़ेस मैनेजर होता । 
कहा जाता है की कंप्यूटर में 1 महीने में 6000 से भी ज्यादा वायरस बन जाते हैं , लेकिन लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में वायरस नहीं आते । 
             दुनिया की सबसे पहले  1 जीबी की हार्ड ड्राइव IBM  ने 1980 में   घोषणा  की थी जिसकी कीमत 2 करोड़ ₹ थी। मायडू नाम है एक सबसे तेज फैलने वाले वायरस का जिसने 38 thousand million का नुक्सान किया था ये बहुत ही फ़ास्ट फैला था । 1936 मे रशियन्स ने एक ऐसा कंप्यूटर बनाया था जो पूरी तरह पानी पर चलता था । 
           क्या आपको पता है दुनिया का सबसे पहला वेब ब्राऊज़र 1980 में सर टी बर्नर्स ली ने बनाया था, जिसका नाम था वर्ल्ड वाइड वेब बाद में इसका नाम चेंज कर नेक्सस रख दिया गया । 
                
                                  


Redmi ने लांच किया 48+5mp वाला यह धांसू स्मार्टफोन,कीमत मात्र 10,999 रुपये!

आज हम आपको रेडमी नोट 7 के बारे में बताने वाले हैं। जिसे हालही में चीन में लांच कर दिया गया है और जल्द ही इंडिया में भी लांच किया जाने वा...